स्वतंत्रता दिवस पर जब मोदी भाषण दे रहे थे उस समय गिरी स्कूल की छत, Bharat Ek Nayi Soch
प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ भाषण के दौरान संभल में स्कूल की छत गिरी, शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
संभल, उत्तर प्रदेश: देश 77वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से ‘विकसित भारत’ के संकल्प को दोहरा रहे थे, ठीक उसी समय उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एक सरकारी स्कूल की छत भरभरा कर गिर गई। यह घटना शिक्षा के बुनियादी ढांचे और सरकारी स्कूलों की बदहाली की पोल खोलती है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान यह हादसा हुआ। गनीमत रही कि इस दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और छात्र या स्टाफ सदस्य इसकी चपेट में आने से बच गए, लेकिन यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
‘स्कूल ठीक करो’ अभियान की आवश्यकता को बल देती यह घटना दर्शाती है कि देश के अनेक हिस्सों में आज भी बच्चे असुरक्षित इमारतों में पढ़ने को मजबूर हैं। जिस राष्ट्र का सपना ‘विकसित भारत’ का है, वहां शिक्षा की नींव ही कमजोर और जर्जर क्यों है?
यह वाकया सिर्फ संभल का नहीं, बल्कि देश के कई अन्य राज्यों में सरकारी स्कूलों की खस्ताहालत का प्रतिबिंब है। पुरानी और कमजोर इमारतों में कक्षाएं चलाना बच्चों के जीवन को जोखिम में डालना है।
ViksitBharat के नारे के साथ, देश के शिक्षा तंत्र और विशेषकर सरकारी स्कूलों की इमारतों की सुरक्षा पर तत्काल ध्यान देना आवश्यक है। यह घटना राज्य सरकार और शिक्षा विभाग के लिए एक चेतावनी है कि उन्हें तुरंत सभी सरकारी स्कूलों का सर्वेक्षण कराना चाहिए और जर्जर भवनों की मरम्मत या पुनर्निर्माण प्राथमिकता के आधार पर करवाना चाहिए।
‘भारत एक नई सोच’ मांग करता है कि इस मामले की गहन जांच हो और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। बच्चों के भविष्य और उनकी सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।






































































































































































































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