Dharmendra Pradhan Resignation: लाठीचार्ज के बाद झुकी सरकार, जंतर मंतर पर जश्न!
नीट पेपर लीक: छात्रों की 45 दिन की ‘जंग’ लाई रंग, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा! जंतर मंतर से ‘भारत एक नई सोच’ की सीधी ग्राउंड रिपोर्ट
नई दिल्ली: देश के भविष्य से जुड़े नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर पिछले 45 दिनों से जारी छात्र आंदोलन को आज एक बड़ी सफलता मिली है। देशभर में छात्रों के लगातार बढ़ते दबाव और आक्रोश के बीच खबर है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस घटनाक्रम को आंदोलनकारी छात्रों ने अपनी पहली और महत्वपूर्ण जीत बताया है।
नीट परीक्षा में हुई कथित धांधली के खिलाफ छात्रों ने लगातार सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद की। दिल्ली में कई बार उन्हें पुलिस के लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों का सामना करना पड़ा, लेकिन युवाओं ने हार नहीं मानी। उनका दृढ़ संकल्प और अथक संघर्ष आखिरकार रंग लाया है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर सुनते ही जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों में उत्साह की लहर दौड़ गई। प्रदर्शन स्थल से मिली सीधी रिपोर्ट के अनुसार, छात्रों ने इसे नीट घोटाले के खिलाफ उनकी पहली बड़ी विजय करार दिया है। हालांकि, उनका स्पष्ट कहना है कि यह केवल शुरुआत है और उनकी लड़ाई अभी जारी रहेगी। छात्रों की प्रमुख मांगों में नीट परीक्षा को तत्काल रद्द करना और इस पूरे घोटाले के पीछे के असली गुनहगारों को बेनकाब कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करना शामिल है।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब नीट पेपर लीक मामले को लेकर मोदी सरकार पर चौतरफा दबाव बन रहा था। विपक्षी दल लगातार सरकार को घेर रहे थे और छात्रों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा था। यह घटनाक्रम निश्चित रूप से सरकार को बैकफुट पर धकेलता दिख रहा है, और अब देखना होगा कि सरकार छात्रों की अन्य मांगों और परीक्षा के भविष्य पर क्या रुख अपनाती है।
जंतर मंतर पर मौजूद छात्रों के तेवर साफ बता रहे हैं कि वे अपने भविष्य के साथ किसी भी खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं करेंगे। नीट घोटाले के खिलाफ यह आंदोलन अब एक नए निर्णायक मोड़ पर आ गया है, जहां देश भर के लाखों छात्रों की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।








































































































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