Samrat Choudhary के CM बनते ही बिहार का खजाना खाली! अब क्या होगा? Bharat Ek Nayi Soch

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बिहार पर गहराया आर्थिक संकट: मुफ्त की रेवड़ी और 3.70 लाख करोड़ का कर्ज, क्या दिवालिया होने की कगार पर है राज्य?

बिहार इन दिनों एक गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है, जहां ‘मुफ्त की रेवड़ी’ वाली राजनीति ने राज्य को दिवालियापन की कगार पर ला खड़ा किया है। राज्य पर 3 लाख 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भारी कर्ज है, और स्थिति इतनी विकट है कि सरकार के पास बुजुर्गों की पेंशन और अपने कर्मचारियों के वेतन के भुगतान के लिए भी पर्याप्त धन नहीं है।

आंकड़े बताते हैं कि बिहार सरकार पर 3 लाख 70 हजार करोड़ रुपये का भारी-भरकम कर्ज चढ़ चुका है। इस ऋण का बोझ इतना विकराल है कि अब पुराने कर्जों का ब्याज चुकाने के लिए भी राज्य सरकार को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से कर्ज का ‘कटोरा’ लेकर खड़ा होना पड़ रहा है। यह स्थिति राज्य की वित्तीय सेहत पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

यह आर्थिक बदहाली सीधे तौर पर आम जनता और सरकारी कर्मचारियों पर असर डाल रही है। चुनावी वादों और विभिन्न पेंशन योजनाओं के मद में हुए खर्चों का नतीजा यह है कि आज बुजुर्गों को मिलने वाली पेंशन और राज्य के कर्मचारियों का मासिक वेतन भी समय पर नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनके जीवन-यापन में गंभीर मुश्किलें आ रही हैं।

इतना ही नहीं, राज्य की महत्वाकांक्षी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 58,000 छात्रों का भविष्य भी अधर में लटक गया है। वित्तीय संकट के कारण इस योजना में अपेक्षित गति नहीं आ पा रही है, जिससे हजारों युवा अपने शैक्षिक और व्यावसायिक सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

सवाल उठता है कि क्या ‘मुफ्त की राजनीति’ बिहार को बर्बादी की ओर धकेल रही है? चुनावी लाभ के लिए बांटे गए धन और अव्यावहारिक योजनाओं का परिणाम आज एक गहरे आर्थिक दलदल के रूप में सामने है, जिससे निकलना बिहार सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। राज्य की वित्तीय स्थिरता और नागरिकों का भविष्य अब इस पर निर्भर करेगा कि सरकार इस संकट से कैसे उबरती है।

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34 Comments

  1. "क्या आपको लगता है कि चुनाव जीतने के लिए 'मुफ्त की रेवड़ी' बांटने वाली राजनीति पर पूरी तरह से रोक लगनी चाहिए? आपके हिसाब से बिहार की इस खस्ताहाल अर्थव्यवस्था और बढ़ते कर्ज का असली जिम्मेदार कौन है? अपनी बेबाक राय नीचे कमेंट्स में जरूर लिखें, हम हर कमेंट पढ़ रहे हैं! 👇👇"

  2. मोदी ने वोट चोरी कर के एक आपराधी को मुख्यमंत्री बनाया है जो सात माडर किया है उसे मुख्यमंत्री बनाया है पैसे लेकर मोदी ने और बिहार के खजाने मोदी ने खाली कर दिया है

  3. हमको यह वीडियो बहुत अच्छा लगा यह सही बात बताया है अपने और मोदी का सरकार योगी का सरकार जुमला है फिर वादा से मुकर जाता है

  4. Etna karj hai phir bhi sarab chalu nahi karega jaisi karni waisi bharni bihar wale samrat chawdhari ka bas ki bat nahi hai janta murkh hai kya samjhe gi

  5. कौन सा सरकार चल रहा है बीजेपी समझ में नहीं आ रहा पूरे देश में जाकर मथुरा अरे सरकार को जल्द से जल्द

  6. केंद्र में ऐसी निकम्मी सरकार की सबसे पहली जरूरत है सम्राट चौधरी की हम लोग का जरूरत नहीं है जो गरीब की सहायता किया जा सकता था लेकिन वह

  7. 🗣️👂👩‍⚖️⚖️💰😂💔🚶‍♀️🌮🍜🧙‍♀️👱‍♀️🛖💰😂💔🌮🍜🧙‍♀️👱‍♀️🛖💰😂💔🌮🍜🧙‍♀️👱‍♀️🛖

  8. सातवीं पास से आर्थिक विकास की उम्मीद किसे है हमसब का धर्म सुरक्षित रहे बाकी हम बेकार रहे या बीमार रहे

  9. Iss paristhiti me session 2026-2027 me Asahay vridhjanon k pansion k liye sampurna Bihar k Mantri se Santari tak jo sarkari seva me hai apne hisse ka Rs 1100 only per month dan karen kyunki manavta k liye jaruri ho gaya hai, kyunki samandar se yadi 1 lota pani nikalne se samandar khali nahi hota aur lski ghoshna ki suruat sansadon aur vidhayakon se peon tak se ki jani chahiye jo bahut bada dharm ka karya hoga….

  10. 400 se 1100 pention. 10000 mahilaon ko dene ke karan aaj Bihar ka bura hal hai. Din mei 50 logoun se zyada e labharthi checqe karne aate hain or mayus ho kar jate hain.

  11. Sahara ka rupeya sarkar ghotala kar gae ya janta ko bapes karegi janta ka haykiya hoga jo pet kat kar sahara may jamaane kiya tha pleage janta ko sahyog kare

  12. ओम शांति ओम शांति ओम शांति हर हर महादेव शेरनी थोड़ा धीरे बोलो कोई सुनलगा घर में भूजल भंग नहीं चले थे बिहार को संभाल ले