Ranchi Student Protest: रांची की सड़को पर उतरा छात्रों का गुस्सा, Bharat Ek Nayi Soch

रांची में दोहरा आक्रोश: छात्र भविष्य और आदिवासियों की ज़मीन दोनों पर संकट, राजधानी सुलग रही!

झारखंड की राजधानी रांची इन दिनों दोहरे आक्रोश की गवाह बन रही है। एक तरफ़ जहां JSSC और JPSC के छात्र अपने भविष्य को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं, वहीं दूसरी ओर आदिवासी समाज अपनी पुश्तैनी ज़मीन बचाने के लिए ‘उलगुलान पदयात्रा’ निकाल रहा है। दोनों ही प्रदर्शन सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।

राजधानी की सड़कों पर छात्रों का हुजूम ‘माध्यमिक आचार्य 2025’ परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगा रहा है। छात्रों का दावा है कि नॉर्मलाइजेशन के नाम पर बड़े पैमाने पर सीटें बेची गई हैं, जिससे मेधावी अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। इन युवाओं की एकमात्र मांग है कि इस पूरे मामले की CBI या CID से निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि दोषियों को बेनकाब किया जा सके।

उधर, आदिवासी समाज ने CNT और SPT एक्ट के उल्लंघन के खिलाफ़ ‘उलगुलान पदयात्रा’ से सरकार को चेताया है। इस प्रदर्शन में भगवान बिरसा मुंडा के वेश में एक प्रदर्शनकारी ने सीधा आरोप लगाया कि मंत्री इरफान अंसारी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मिलकर आदिवासियों की क़रीब 200 एकड़ ज़मीन हड़पने की साज़िश रच रहे हैं। यह आरोप आदिवासी समुदाय के बीच गहरा रोष पैदा कर रहा है।

ये दोनों ही घटनाएँ झारखंड के भविष्य के लिए एक गंभीर चेतावनी हैं। एक तरफ़ राज्य के युवा अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं, तो दूसरी तरफ़ आदिवासी समाज अपनी पहचान और पुश्तैनी भूमि को बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है। क्या हेमंत सोरेन सरकार इन दोहरे संकटों का समाधान खोज पाएगी, या झारखंड में युवाओं का भविष्य और आदिवासियों की ज़मीन, दोनों ही खतरे में बने रहेंगे? ‘भारत एक नई सोच’ इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नज़र बनाए हुए है।

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3 Comments

  1. रांची की सड़कों पर छात्रों और आदिवासी समाज का यह गुस्सा आपने वीडियो में देखा। आपके हिसाब से JSSC परीक्षा विवाद और CNT-SPT एक्ट के उल्लंघन का ज़िम्मेदार कौन है? क्या सरकार युवाओं और मूल निवासियों दोनों के साथ न्याय कर पाएगी? अपनी बेबाक राय नीचे कमेंट्स में ज़रूर लिखें, हम हर एक कमेंट पढ़ रहे हैं! 👇