मात्र ₹65 दिहाड़ी! योगी सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरीं रसोइया माताएं
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लखनऊ में मिड-डे मील रसोइया महिलाओं का महासंग्राम: ₹2000 मानदेय, जलते हाथ और सरकारी अनदेखी
लखनऊ, उत्तर प्रदेश: राजधानी लखनऊ का इको गार्डन एक बार फिर प्रदेश भर से आई हजारों मिड-डे मील रसोइया महिलाओं की हुंकार से गूंज उठा। अपनी लंबित और जायज मांगों को लेकर इन माताओं ने भारी धरना प्रदर्शन किया, जिनकी पीड़ा भारत एक नई सोच की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आई है। सरकारी स्कूलों में सालों से बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन तैयार कर रही इन कर्मठ महिलाओं को मात्र ₹2000 महीने के मानदेय पर खटाया जा रहा है, जो कि दैनिक मजदूरी के हिसाब से सिर्फ ₹65 बैठता है।
भारत एक नई सोच की टीम ने मौके पर मौजूद रसोइया महिलाओं से बात की। उन्होंने बताया कि उन्हें 11 महीने काम के बदले सिर्फ 10 महीने का वेतन मिलता है, और वह भी अक्सर 3-4 महीने की भारी देरी से। यह स्थिति ऐसे समय में है जब महंगाई अपने चरम पर है और परिवार का गुजारा चलाना मुश्किल हो गया है।
महिलाओं ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि उन्हें बिना गैस सिलेंडर के लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाना पड़ता है। इस खतरनाक प्रथा के चलते कई रसोइया माताओं के हाथ जल गए हैं, तो कई गंभीर हादसों का शिकार हो चुकी हैं। दुखद है कि ऐसी दुर्घटनाओं के बावजूद सरकार की तरफ से उन्हें कोई आर्थिक मदद या बीमा कवरेज नहीं मिलता, जिससे उनके भविष्य पर हमेशा अनिश्चितता का साया मंडराता रहता है।
प्रदर्शनकारी रसोइया महिलाओं की प्रमुख मांग है कि उनका मासिक मानदेय बढ़ाकर कम से कम ₹10,000 किया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने नौकरी से मनमाने ढंग से निकाले जाने की प्रथा को बंद करने और कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है।
ये महिलाएं सवाल उठा रही हैं कि क्या योगी सरकार इन गरीब और मेहनती महिलाओं की आवाज सुनेगी और उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकालेगी? मिड-डे मील योजना को सफल बनाने में इनकी अहम भूमिका है, लेकिन इनका अपना जीवन घोर आर्थिक संकट और असुरक्षा के बीच गुजर रहा है। यह अब सरकार पर निर्भर करता है कि वह इन माताओं की पुकार पर कितना गौर करती है और कब तक उन्हें न्याय मिलता है।
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"दोस्तों, अगर आपके घर के आसपास के सरकारी स्कूलों में भी रसोइया माताएं खाना बनाती हैं, तो क्या आपने कभी उनसे उनकी सैलरी पूछी है? मात्र ₹65 दिहाड़ी में ये महिलाएं कैसे अपना परिवार चलाती होंगी? क्या सरकार को इनका मानदेय बढ़ाकर ₹10,000 नहीं करना चाहिए? आप लोग किस जिले से यह वीडियो देख रहे हैं, कमेंट करके अपनी राय जरूर बताएं ताकि सरकार तक ये बात पहुंचे! 👇"
हर हर योगी घर घर योगी जय श्री राम
श्री योगी आदित्यनाथ बाबा जी से कोई अच्छा सरकार नहीं है
Bjp hatao Des bachao
"Bharat Ek Nata Soch" nam karke Utuber kuch bol the he bilkul Galath. "Bharat Ek Naya soch me" Yutuber Sarkar ko badnam karthe he. Ye log poora badmashi log he.
🚩🚩🚩🚩🚩🚩बिहार रसोइया को 3300 रुपिया मिलता है 10 महीने का मिलता है 🚩🚩🚩🚩🚩🚩
Digital India Modi Sarkar Bharat me laya tha. Abhi tho bohuth log Yehi digital platform jysa Utube, dfijd se paisa kamathe he. Ye Utuber social media se paise kamathe he – wo bi Modiji ka Sarkar ko badnam karkar.