मुस्लिम होने की सजा भोग रही जज | Bharat Ek Nayi Soch
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नर्मदापुरम: मॉब वायलेंस पर सख्त फैसले के बाद जज तबस्सुम खान को धमकाया जाना, क्या न्यायपालिका अब खतरे में है?
नर्मदापुरम/भोपाल: मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में न्याय के मंदिर से एक ऐसा फैसला आया है, जिसने 2022 के मॉब वायलेंस के एक गंभीर मामले में 14 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह ऐतिहासिक फैसला सुनाने वाली थीं जज तबस्सुम खान, लेकिन उनके इस साहसिक निर्णय के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर धर्म के आधार पर निशाना बनाया जा रहा है और खौफनाक धमकियां दी जा रही हैं।
यह घटना सिर्फ एक न्यायाधीश को दी गई धमकी नहीं है, बल्कि यह हमारे पूरे न्याय तंत्र और कानून-व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है। ‘भारत एक नई सोच’ इस गंभीर स्थिति की विस्तृत पड़ताल कर रहा है। जब न्याय की कुर्सी पर बैठी एक महिला को ही सुरक्षित महसूस न हो, तो आम जनता किस पर भरोसा करेगी? क्या देश में न्याय देना अब इतना जोखिम भरा काम हो गया है कि इसके लिए न्यायाधीशों को अपनी जान का खतरा मोल लेना पड़े?
2022 के उस गंभीर मॉब वायलेंस मामले में, जिसमें जज तबस्सुम खान ने दोषियों को कड़ी सजा दी है, यह दिखाता है कि न्यायपालिका अपने कर्तव्य का निर्वहन करने के लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन फैसले के बाद जिस तरह से उन्हें व्यक्तिगत रूप से और उनके धार्मिक पहचान के आधार पर निशाना बनाया जा रहा है, वह न्यायपालिका की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर सीधा हमला है। यह दर्शाता है कि कुछ असामाजिक तत्व न्यायपालिका के निर्णयों को प्रभावित करने और उसे डराने की कोशिश कर रहे हैं।
यह सवाल उठता है कि इस गंभीर स्थिति पर सिस्टम की खामोशी क्यों है? क्या यह माना जा सकता है कि कानून का राज स्थापित करने वाले ही जब असुरक्षित हों, तो आम नागरिकों को न्याय और सुरक्षा का भरोसा कैसे दिया जा सकता है? इस घटना ने न्यायपालिका पर उठ रहे खतरों के सच को एक बार फिर उजागर कर दिया है और यह दिखाता है कि न्याय प्रणाली को बाहरी दबावों से बचाने के लिए तत्काल और ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में, जहां न्यायपालिका को लोकतंत्र का एक मजबूत स्तंभ माना जाता है, ऐसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। न्याय देने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और ऐसे अभियानों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करना समय की मांग है, ताकि न्यायपालिका की गरिमा और आम जनता का उसमें विश्वास अक्षुण्ण बना रहे। ‘भारत एक नई सोच’ इस पूरे मामले पर अपनी पैनी नज़र बनाए हुए है और लगातार सच्चाई को सामने लाता रहेगा।







































































जब एक जज को पूरी ईमानदारी से फैसला सुनाने पर ऐसी गंभीर धमकियों का सामना करना पड़े, तो क्या आपको लगता है कि देश का न्याय तंत्र स्वतंत्र रूप से काम कर पाएगा? इस मुद्दे पर सिस्टम की खामोशी पर आपकी क्या राय है? कमेंट्स में अपनी बेबाक राय जरूर लिखें, हम आपके विचार पढ़ रहे हैं! 👇
Sahi kaha aapne sach hai pallavi ji
ये वो नतीजा है मेडम लालच का आपको अच्छे दिन आने वाले है के लालच मे बीजेपी को जिताया तो अच्छे दिन देखो। गलती भारत की जनता की है।
Loktantra, berbad kerne wale ko benakab kerna chahiye, very very thanks.
जज साहिबा को सलाम है 👏👏🙏💙
Ak dam sahi baat hai
Loktantra khatre me hai bjp rss se bacha lo is desh ko😢
Ab yahi faisla hoga jo ye log chahate hai faisla inke hisab se hoga to thik hai nahi to kuch bhi bol sakte aur Kuch bhi kar sakte hai?
Pallavi ji aap mahila ko mahila ke hisab se dekhti hai aur sach ka sath deti hai very good 💯
जज जज है और महीला जज कभी गलत फैसला कभी भी नहीं सुनाती है जज साक्षस और बयान को ध्यान में लेकर सजा सुनाते हैं और महीला जज दूर्गा का रुप होता है कीसी भी धर्म का हो न्याय न्याय होता है सही किया है महीला जज साहब ने
Bakwas channel…completely propaganda…
सत्य को साथ देना होगा
गौहत्या करने वाले को जमानत और गौरक्षा करने वालों को जेल यह स्वीकार नहीं। गौहत्या करने वालों का वध करना ही उचित है।
बहन।हम।आप।के।साथ।है।तन।मन।धन।से।आप।की।मदद।के।लिए।तयार।है।रात।हो।या।दिन।ईमान।बरकरार।रखना।अलला।हाफिज।
Rss had destroyed the name of hinduism
मुस्लिम थक चुका है इन आतंकियों से
Totally failed government.
Tabassum khan ek judge hai aur unhone sach ka sath diya sahi faisala sunaya to unko aisi dhamkiya di ja rahi hai to aam mahilaon ka kya hoga aam Aadmi yo ka kya hoga kya yahi hai hamara loktantra kya yahi hai sabka sath sabka vikas
Great reporting maa'm
तुमको उनसब्सक्राइब कर रहे हैँ
Enko bhi. Es bachche ko Marne walo ko. Bhi. Fansi. Kanyo Nahi h
Gau hatra ko jamanat aur gau rasak ko saja
Ye patarkar deshdari hai
Sar tan se juda p kuchh nahi boli vah re dogali 😂😂😂
Kon se sabut ye to bata kyu victim card khelati hai neeli kabutar kyu jai bheem jai meem ka enjenada chala rahi hai
क्या गौ की जान नहीं है..?
गौ हत्यारों को भी सजा क्यों नहीं होनी चाहिए…?
मॅडम, ज्यादा सेक्युलर मत बनिए, सेक्युलर का अंजाम पूरा देश भोग रहा है।