Supreme Court on Student Protest: कोर्ट का बड़ा फैसला, प्रदर्शन करने वाले छात्रों की नहीं होगी गिरफ़्त

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: प्रदर्शनकारी छात्रों की अब नहीं होगी गिरफ़्तारी, लोकतंत्र की हुई जीत!

नई दिल्ली: लोकतंत्र के सर्वोच्च संरक्षक, सुप्रीम कोर्ट ने आज एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए देश भर के प्रदर्शनकारी छात्रों को बड़ी राहत प्रदान की है। उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि राजनीतिक विरोध प्रदर्शन करना किसी भी सूरत में ‘जघन्य अपराध’ नहीं है, और ऐसे मामलों में छात्रों की गिरफ्तारी नहीं होगी। इस फैसले को छात्र अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

यह फैसला तब आया है जब दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर बर्बरतापूर्वक पैलेट गन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया था। सरकार ने धारा 144 का हवाला देते हुए अनेक छात्रों पर मनगढ़ंत एफआईआर दर्ज कर उन्हें अपराधी साबित करने का प्रयास किया था।

हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार और पुलिस की इन दमनकारी नीतियों पर कड़ी फटकार लगाई है। न्यायालय ने साफ कर दिया है कि निहत्थे छात्रों पर बल प्रयोग करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक कमेटी बनाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जेएनयू की आइशी घोष और नॉएडा की रुचिका सिंह समेत देश भर के उन तमाम छात्रों के लिए यह एक बड़ी जीत है, जिन्हें प्रदर्शन के अधिकार का प्रयोग करने के लिए प्रताड़ित किया गया। इस फैसले से सरकार और पुलिस बैकफुट पर आ गई है, और यह देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा विरोध के अधिकार को मजबूत करता है।

"भारत एक नई सोच" हमेशा से सच्ची और बेबाक पत्रकारिता के माध्यम से लोकतंत्र के इन स्तंभों को मजबूत करने का प्रयास करता रहा है। यह फैसला एक बार फिर साबित करता है कि न्यायपालिका अभी भी आम आदमी और छात्रों के अधिकारों की रक्षक है।

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44 Comments

  1. 🎉❤🎉❤. Ajjarr. Amarr. Ho. Jao. Bahin. Veri. Veri. Nice. Speech. Jay. Mahakall. Jay. Hind. Jay. Samvidhan. Inklab. Jindabad. Good. Luck. Thanks🎉🎉🎉🎉🎉🎉❤❤❤❤❤❤❤❤❤🎉🎉🎉🎉🎉🎉🎉🎉🎉🎉

  2. Madam ji, SG&SC both are bostered and avoiding the facts of this incident and misleading the justice to the victimized children. Why the criminals, as per police, were roaming freely in the capital of this nation
    Isn't the failure of HM and judiciary.

  3. Modi ke Supt per bhi bharosha mat karo ho sakta hai ye bhi modi ke kahne per bhi halat ko diavert kerna hai koi bhi heart privertan nahi ho sakta mamla thanda karke Dhokha dena hai be Alert

  4. सौरव दास जी सीजेपी के आंदोलन में पुलिस एवम् सरकार द्वारा परेशान कर रही थी उनको बचाने के लिए आपने सुप्रीम कोर्ट के द्वारा बचाव किया है। उसके लिए सीजेपी, अभिजीत दीपक, सौरव दस और अवनीत रंका को मेरी तरफ से धन्यवाद। बहुत बहुत बधाई। जय भीम जय संविधान।❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤

  5. ऐसा लगता है कि सत्ता में बैठे सभी लोग अपने बॉस की गंदी राजनीति को खुश करने के लिए अपनी शक्ति का दुरुपयोग कर रहे हैं!

  6. अगर किसी को जिम्मेदारी दी जाती है और वह ईमानदार नहीं है और निजी फायदे के लिए राजनीतिक आका को खुश करने की कोशिश करता है तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा!

  7. यदि न्यायपालिका और कानून प्रवर्तन प्राधिकरण निष्पक्ष रूप से कार्य करें तो निश्चित रूप से जनता न्याय और उचित पुलिस कार्रवाई के प्रति अधिक आश्वस्त होगी! यदि ये विभाग राजनीतिक आकाओं का साथ देते हैं तो जनता को भारी नुकसान होगा। जनता भी कभी इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।

  8. Protesters & gunahgaro का फर्क सरकार द्वारा या नड्डा द्वारा एग्रीमेंट असंवैधानिक अनलफुल और गैरकानूनी हैं मीडिया मिलीभगत मे संविधान का मज़ाक उड़ाया है >>> vikas 4th FRONT fore front of democracy

    गुनाह गुनाह ही होता हैं भेदभाव और शोषण के लिए कानून व्यवस्था को चुनौती देने में सक्षम लोग लोगों को गुमराह कर रहे है। vikas 4th FRONT fore front of democracy

    जागरूक बने नागरिक बने शोषित पीड़ित होना या करने का विरोध कर अपना योगदान दें। Vikas 4th FRONT fore front of democracy

    JOIN us REPRESENT us

  9. Suprim cort kendr ke adhin kam karti hai suprim cort ka yeh kadam aag me thoda pani dal kar thoda thanda karne bhar hai aap AK sammanita patrkar hai sahi khabar dikhate hai aapko yeh khabar parsarit nahi karna chaheye thi

  10. Madam, supreme court is the actual culprit.
    Bloody Indian judiciary judges have been enjoying the long standing demand of Hindu Rastra of RSS gang government of India.
    Bloody Coward Indian judiciary judges have been passing only time.