Jantar Mantar Protest: जंतर मंतर पर मोदी भक्त पंहुचा, छात्रों ने नानी याद दिला दी, Bharat Ek Nayi
जंतर मंतर पर छात्रों का महासंग्राम: शिक्षा बजट कटौती के खिलाफ आक्रोश, ‘गोदी मीडिया’ और प्रशासन की खुली पोल
दिल्ली, जंतर मंतर: देश की राजधानी दिल्ली का जंतर मंतर आज एक बार फिर छात्रों के भीषण आक्रोश का गवाह बना। शिक्षा बजट में की गई भारी कटौती और दिल्ली पुलिस की कथित बर्बरता के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के आंदोलन में आज जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। मौके पर मौजूद हमारे संवाददाताओं ने पाया कि स्थिति बेहद तनावपूर्ण है।
छात्रों ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन को कमजोर करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कुछ लोग आंदोलन में घुसपैठ कर गए हैं। यह आरोप एक गंभीर मोड़ देता है, क्योंकि छात्रों का कहना है कि इसके बाद ही दिल्ली पुलिस ने उन पर अमानवीय तरीके से लाठीचार्ज किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस ने छात्रों को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया, जिससे कई छात्रों को चोटें आई हैं। छात्रों ने एकजुट होकर दिल्ली पुलिस के इस कृत्य को ‘बर्बरता’ करार दिया है और इसे लोकतंत्र की आवाज दबाने का प्रयास बताया है।
जमीनी हकीकत यह भी है कि छात्रों का गुस्सा सिर्फ प्रशासन और पुलिस पर नहीं, बल्कि तथाकथित ‘गोदी मीडिया’ पर भी फूटा। प्रदर्शनकारी छात्रों ने खुले तौर पर ‘गोदी मीडिया’ पर सच्चाई को तोड़ने-मरोड़ने और उनके आंदोलन को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यधारा का मीडिया सरकार के पक्ष में खड़ा है और छात्रों के मुद्दों को दबाने की कोशिश कर रहा है।
यह आंदोलन शिक्षा बजट में कटौती के खिलाफ एक मुखर विरोध है, जिसका सीधा असर देश के लाखों छात्रों के भविष्य पर पड़ रहा है। छात्रों का कहना है कि शिक्षा जैसे मूलभूत अधिकार पर सरकार का यह रवैया अस्वीकार्य है और वे अपने हक की लड़ाई जारी रखेंगे।
जंतर मंतर से यह ग्राउंड रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि छात्र एकजुट हैं और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने को तैयार हैं। उनकी मांगें स्पष्ट हैं – शिक्षा बजट में कटौती वापस ली जाए और पुलिस की बर्बरता पर लगाम लगे। ‘भारत एक नई सोच’ छात्रों की इस आवाज को आप तक पहुंचाता रहेगा।








































































































जंतर मंतर पर छात्रों का यह गुस्सा देखकर आपको क्या लगता है? क्या सच में प्रदर्शन को भटकाने के लिए बाहरी लोग (RSS/Godi Media) भेजे जा रहे हैं, या छात्रों का तरीका गलत है? अपनी राय नीचे कमेंट में जरूर बताएं, हम आपके जवाब पढ़ रहे हैं! 👇🔥