बेटी लापता, पुलिस ने पिता से मांगे डीजल के पैसे!

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नागपुर पुलिस की शर्मनाक करतूत: लापता बेटी खोजने के लिए पिता से मांगा ‘डीजल का पैसा’, ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ पर उठे गंभीर सवाल

नागपुर। बेटियों की सुरक्षा और ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ के दावों के बीच, नागपुर के पंचपावली पुलिस स्टेशन से सामने आई एक कड़वी सच्चाई ने पूरे तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक परेशान पिता जब अपनी लापता बेटी को खोजने की गुहार लेकर थाने पहुंचा, तो उसे मदद के बजाय सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर बाबूराव राउत से खुलेआम ‘गाड़ी में डीजल डलवाने के लिए पैसे’ देने को कहा गया।

यह घटना किसी फिल्मी कहानी का हिस्सा नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत है, जो आम जनता के पुलिस पर भरोसे को तार-तार कर देती है। सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर बाबूराव राउत ने एक असहाय पिता की मजबूरी का फायदा उठाने की कोशिश की, जिससे न सिर्फ पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई है, बल्कि ‘सेवा, सुरक्षा, सहयोग’ के आदर्श वाक्य पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है।

क्या यही है वह ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ जिसका सरकारें दावा करती हैं? जहां एक ओर देश में कानून व्यवस्था को आधुनिक और जनता-अनुकूल बनाने की बातें की जाती हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसे शर्मनाक वाकये यह दिखाते हैं कि जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार और संवेदनहीनता अपनी जड़ें जमाए हुए है।

जनता के टैक्स का भारी-भरकम पैसा और सुरक्षा का बजट आखिर कहाँ जा रहा है? क्या यह पैसा केवल चुनावी होर्डिंग और बड़े-बड़े विज्ञापनों तक ही सीमित है, जबकि बुनियादी पुलिसिंग के लिए भी नागरिकों से रिश्वत की उम्मीद की जाती है? यह सवाल उठना लाजमी है कि जब संकट के समय पुलिस ही हाथ फैला दे, तो आम आदमी कहां जाए?

‘भारत एक नई सोच’ मांग करता है कि इस मामले की गहन जांच हो और दोषी पुलिसकर्मी पर कड़ी कार्रवाई की जाए। यदि हम आज ऐसी घटनाओं पर सवाल नहीं उठाते और जिम्मेदारों से जवाब नहीं मांगते, तो कल यह कड़वी सच्चाई किसी के भी साथ दोहराई जा सकती है। यह समय है कि हम सब मिलकर एक ऐसी व्यवस्था के लिए आवाज उठाएं, जहां न्याय पैसों का मोहताज न हो और पुलिस वास्तव में जनता की सेवा करे।

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8 Comments

  1. "नागपुर पुलिस की इस हरकत ने एक बात तो साफ कर दी है कि आम आदमी की सुरक्षा के लिए आज भी सिस्टम लाचार है। आपके हिसाब से जनता के टैक्स और सुरक्षा का बजट आखिर कहाँ जा रहा है? क्या आपने या आपके किसी जानने वाले ने कभी पुलिस स्टेशन में ऐसा बर्ताव झेला है? अपना अनुभव कमेंट में जरूर शेयर करें, हम हर एक कमेंट पढ़ रहे हैं! 👇"

  2. तबादला करना कोइ समस्या का समाधान नहीं है l इसको एक वर्दी वाला gunda बोलेंगे तो भी कम होगा