ऐसा इंजेक्शन लगाया की काटना पड़ गया हाथ! Bharat Ek Nayi Soch

लोहिया अस्पताल में हैवानियत की हदें पार: गलत इंजेक्शन से काटा मरीज का हाथ, यूपी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल

लखनऊ, उत्तर प्रदेश: राजधानी लखनऊ स्थित राम मनोहर लोहिया अस्पताल एक बार फिर अपनी लापरवाही और संवेदनहीनता के कारण सुर्खियों में है। मेडिकल नेग्लिजेंस का एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने पूरे प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिरोजाबाद के रहने वाले अंकित राठौर को एक मामूली पेट के ऑपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन ‘कसाई डॉक्टरों’ की कथित लापरवाही ने उनकी पूरी जिंदगी तबाह कर दी।

अंकित को ऑपरेशन से ठीक पहले गलत इंजेक्शन लगा दिया गया, जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ती चली गई। यह गलत इंजेक्शन अंकित के लिए जानलेवा साबित हुआ, क्योंकि इसके भयावह परिणाम स्वरूप उनका पूरा हाथ गैंग्रीन का शिकार हो गया। डॉक्टरों के पास हाथ काटने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा, और इस तरह एक सामान्य ऑपरेशन के लिए आए युवक का एक हाथ हमेशा के लिए चला गया।

इस जघन्य घटना के बाद भी लोहिया अस्पताल प्रशासन और संबंधित डॉक्टरों ने अपनी गलती मानने से इनकार कर दिया है। पीड़ित अंकित और उनके असहाय गरीब परिवार को न्याय के लिए दर-दर भटकने पर मजबूर कर दिया गया है। अस्पताल की यह उदासीनता और गैर-जिम्मेदाराना रवैया पूरे प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे की पोल खोलता है।

यह घटना दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था किस हद तक चरमरा गई है। जब सत्ता में बैठे लोगों और स्वास्थ्य मंत्री तक ने इस परिवार की चीखों को अनसुना कर दिया, तब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अंकित की पीड़ा को समझते हुए मदद का हाथ बढ़ाया। यह हमारे सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा और न्याय की स्थिति पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।

क्या यही है ‘नया उत्तर प्रदेश’ जहां मरीज इलाज के लिए आता है और अपनी जान या शरीर का कोई अंग गंवा देता है? अंकित राठौर को न्याय मिलना बेहद जरूरी है और इस मामले में दोषी ‘हत्यारे डॉक्टरों’ पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। यह घटना मेडिकल माफिया के उस विकृत चेहरे को उजागर करती है, जिस पर लगाम लगाना आज प्रदेश की सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।

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