Jantar Mantar Protest: छात्रों पर Pellet Gun और कीलों वाली लाठियां चला कर मासूम बनती पुलिस?

जंतर-मंतर प्रदर्शन: छात्रों पर पैलेट गन और कीलों वाली लाठियां! क्या दिल्ली पुलिस सुप्रीम कोर्ट को गुमराह कर रही है? पूर्व IPS का सनसनीखेज खुलासा

दिल्ली: राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं के प्रदर्शनों के दौरान हुए कथित पुलिसिया दमन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी एस.आर. दारपुरी ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सीधा और तीखा हमला बोलते हुए सनसनीखेज खुलासे किए हैं, जो सुप्रीम कोर्ट में दिए गए हलफनामे पर भी संदेह पैदा करते हैं।

दारपुरी के अनुसार, प्रदर्शनकारियों पर न केवल अमानवीय लाठीचार्ज किया गया, बल्कि पैलेट गन का इस्तेमाल और कीलों वाली लाठियों (Nailed Lathis) का प्रयोग भी किया गया। उन्होंने यह भी उजागर किया कि कई पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में गुंडों की तरह घूमते हुए निर्दोष प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग कर रहे थे। ये आरोप पुलिस बल की भूमिका पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाते हैं।

यह आरोप बेहद गंभीर है कि दिल्ली पुलिस ने देश की सर्वोच्च अदालत, सुप्रीम कोर्ट, में एक गुमराह करने वाला झूठा हलफनामा पेश किया है। यदि यह बात सच साबित होती है, तो यह न्यायपालिका को भ्रमित करने का एक बड़ा प्रयास होगा और पुलिस बल की विश्वसनीयता पर एक गहरा प्रश्नचिह्न लगाएगा।

यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब देशभर में Gen Z के युवा और छात्र अपनी मांगों को लेकर मुखर हो रहे हैं। सवाल यह उठता है कि क्या छात्रों की आवाज़ को लाठियों के जोर पर और छर्रों से दबाने का प्रयास किया जा रहा है? क्या सिस्टम विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के लिए इस तरह के अमानवीय तरीकों का सहारा ले रहा है?

"भारत एक नई सोच" की निडर पत्रकारिता का उद्देश्य इस पूरे सिस्टम का कच्चा चिट्ठा खोलना है और जनता के सामने सच्चाई लाना है। इन गंभीर आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होना अनिवार्य है ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जा सके। यह देश की लोकतांत्रिक जड़ों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए एक अहम मुद्दा है।

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2 Comments

  1. "आपको क्या लगता है दोस्तों, जंतर-मंतर पर पुलिस ने जो छर्रे वाली बंदूकें (Pellet Guns) और कीलों वाली लाठियां चलाईं, क्या वो सही था? या फिर यह सिर्फ छात्रों और युवाओं की आवाज़ को बर्बरता से दबाने की एक सोची-समझी साजिश है? पूर्व IPS के खुलासों पर आपकी क्या राय है? अपनी बेबाक और ईमानदार राय नीचे कमेंट्स में जरूर लिखें, हम आपके कमेंट्स पढ़ रहे हैं! 👇🔥"