रे@प पीड़िता से थूक चटवाया! शिकायत करने पर पीड़िता को ही मिली सजा | Bharat Ek Nayi Soch
बेगूसराय में ‘न्याय’ का क्रूर चेहरा: पंचायत ने बेबस महिला को थूक चाटने पर किया मजबूर, बिहार में महिला सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
बेगूसराय, बिहार: बिहार के बेगूसराय जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश में महिला सुरक्षा और ग्रामीण न्याय प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक स्थानीय पंचायत ने न्याय के नाम पर एक बेबस महिला को इतनी अमानवीय सजा सुनाई कि उसे जमीन पर थूक कर चाटने के लिए मजबूर किया गया। यह घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है और समाज में भारी आक्रोश पैदा कर रही है।
‘भारत एक नई सोच’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह खौफनाक और शर्मनाक फैसला स्थानीय पंचायत ने सुनाया। पीड़ित महिला की पहचान अभी तक उजागर नहीं की गई है, लेकिन जिस तरह से उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया, वह मध्ययुगीन बर्बरता की याद दिलाता है। पंचायत के इस क्रूर फरमान ने तथाकथित ‘न्याय’ की अवधारणा को ही कलंकित कर दिया है।
यह घटना एक बार फिर सवाल उठाती है कि क्या बिहार में महिला सुरक्षा महज एक नारा बनकर रह गई है? जब पंचायतों को कानून को ताक पर रखकर ऐसी अमानवीय सजाएं सुनाने की छूट मिल जाती है, तब बिहार पुलिस और ‘सुशासन बाबू’ के राज का क्या औचित्य रह जाता है? प्रशासन की निष्क्रियता और ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई का अभाव ग्रामीण इलाकों में ऐसे फरमानों को लगातार बढ़ावा दे रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम जनता ने इस अमानवीय घटना की कड़ी निंदा की है। मांग की जा रही है कि इस मामले में तुरंत संज्ञान लिया जाए और दोषी पंचायत सदस्यों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन को कठोर कदम उठाने होंगे, ताकि महिलाओं को ऐसे बेतुके और क्रूर ‘न्याय’ का शिकार न होना पड़े।
‘भारत एक नई सोच’ इस अमानवीय घटना की घोर निंदा करता है और बिहार सरकार से अपील करता है कि वह इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर पीड़ित महिला को न्याय दिलाए। यह सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए कि महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा मिले, न कि ऐसी बर्बरता का सामना करना पड़े। जब तक ऐसे ‘खौफनाक फैसलों’ पर रोक नहीं लगाई जाती, तब तक बिहार में महिला सुरक्षा सिर्फ कागजों पर ही रहेगी।



























































































































































"दोस्तों, बेगूसराय की इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। पंचायत के इस अमानवीय फैसले और पुलिस की लापरवाही पर आपकी क्या राय है? क्या आपको लगता है कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर हम आज भी 21वीं सदी में पीछे हैं? अपनी राय नीचे कमेंट में जरूर लिखें, हम हर एक कमेंट पढ़ रहे हैं! 👇👇"