डूबते की जान बचाने, टूटी टांग लेकर दरिया में कूदे दरोगा जी | Bharat Ek Nayi Soch

खाकी की सच्ची पहचान: मड़ियाहूं के दरोगा विमलेश चंदेल की अतुलनीय बहादुरी, पैर में रॉड लिए उफनती नदी में लगाई छलांग

जौनपुर, उत्तर प्रदेश: जौनपुर के मड़ियाहूं थाने में तैनात दरोगा विमलेश सिंह चंदेल ने इंसानियत और फर्ज की एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसे पूरा देश सलाम कर रहा है। अपनी जान की परवाह किए बिना और गंभीर चोट के बावजूद, उन्होंने एक उफनती नदी में छलांग लगा दी, एक डूबते हुए 4 साल के बच्चे को बचाने की खातिर।

यह दिल दहला देने वाली घटना तब हुई जब नदी किनारे एक बेबस माँ अपने डूबते हुए 4 साल के बच्चे के लिए चीख रही थी। घटनास्थल पर मौजूद दरोगा विमलेश सिंह, जो खुद एक 4 साल के बच्चे के पिता हैं, उस माँ का दर्द बर्दाश्त नहीं कर पाए। उन्होंने एक पल भी गंवाए बिना, तुरंत नदी के तेज बहाव में कूद गए, बच्चे की जान बचाने की दृढ़ इच्छा के साथ।

दरोगा विमलेश की यह बहादुरी और भी हैरान करने वाली है क्योंकि कुछ महीने पहले ही एक हादसे में उनका बायां पैर टूट गया था और उसमें लोहे की रॉड पड़ी हुई है। असहनीय शारीरिक पीड़ा और जोखिम के बावजूद, उन्होंने अपने फर्ज और मानवीय संवेदनाओं को सबसे ऊपर रखा। दर्द को भुलाकर, खाकी वर्दी के गौरव को बरकरार रखते हुए, वे बचाव कार्य में जुट गए।

दुर्भाग्यवश, अथक प्रयासों के बावजूद भी उस मासूम बच्चे की जान नहीं बचाई जा सकी। यह घटना जहाँ एक दुखद अंत लेकर आई, वहीं दूसरी ओर दरोगा विमलेश सिंह चंदेल की इस अतुलनीय बहादुरी और अटूट इंसानियत ने लाखों दिलों को छू लिया है। उनकी इस निस्वार्थ सेवा और समर्पण को आज पूरा देश सलाम कर रहा है। सोशल मीडिया पर भी उनकी सराहना की जा रही है, लोग उन्हें यूपी पुलिस का असली हीरो बता रहे हैं।

दरोगा विमलेश सिंह चंदेल ने यह साबित कर दिया है कि खाकी वर्दी केवल शरीर पर नहीं, बल्कि रूह पर पहनी जाती है। उनका यह साहसिक कदम पुलिस बल के उस चेहरे को दर्शाता है, जो हर चुनौती और खतरे के सामने भी आम नागरिकों की सुरक्षा और मदद के लिए खड़ा रहता है। ऐसे असली नायकों की कहानियाँ हमें प्रेरित करती हैं और समाज में सकारात्मकता फैलाती हैं।

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38 Comments

  1. दरोगा विमलेश सिंह जी ने पैर में लोहे की रॉड होने के बावजूद जो बहादुरी दिखाई, उसने साबित कर दिया कि इंसानियत से बड़ा कोई धर्म या ड्यूटी नहीं है। आपकी नजर में एक पुलिस ऑफिसर का सबसे बड़ा कर्तव्य क्या होता है: नियमों का पालन या इंसानियत? अपने विचार हमें रिप्लाई में जरूर बताएं। जय हिंद! 🇮🇳👇

  2. जांबाज दरोगा विमलेश सिंह जी नेबहुत बड़ी इंसानियतदिखाइए दरोगा जी और उनके माता पिता कोसलूट जिन्होंने अच्छी परवरिश की

  3. Is bhai daroga Ko Main salute maarta hun are bhai police mein acche bhi hote hain ya kharab bhi hote hain bahut achcha insan hai ise bahut se acche log police ke andar maujud hai jo bhukhe ko khana bhi khilate hain Pani pilate Hain jinke pair mein chappal nahin rahti dekhte hain ki nange pair chal raha hai to usko chappal bhi khareed kar dete hain lekin kuchh kuchh kuchh log jo faltu ke gulam Hai vahi Aisa karte hain harkat kar sakte hain log to acche police wale hain bhai

  4. ऐसे पुलिस वालो वजह से ही इज्जत बची पुलिस और लोग इज्जत करते पुलिस की ,नही तो पुलिस को लोग सिर्फ और सिर्फ गली ही देते है लेकिन पुलिस के इस चेहरे को भी देखना चाहिए लोगो को और पुलिस को इज्जत करना चाहिए

  5. श्री मान जी की वीरता को सैल्यूट 🙏🙏
    😔पर हाय रे बच्चे की किस्मत ओम शांति ओम शांति 💐💐🙏🙏

  6. 🙏🙏♥️♥️💐💐🌹🙏 Salute hai sir aap ko, ye bahut Bahaduri ka kaam kisi ko Accident se bachana tha jise aap ne Bahaduri se kar dikhaya Heartly thanks to you sir God bless you 🙏💐🌹🌹💐♥️💐♥️♥️🌹♥️♥️🌹💐💐🌹💐💐♥️

  7. Salute h pallavi ji or bhai sahab ko sach bolne or dikhane ke liye bhagwan aapko or takat de satyamev jayate jai jawan jai kisan jai savidhan jai insan jai social media Jai bharat

  8. मरना जीना तो उसे मलिक के हाथ में होता है लेकिन दरोगा की इंसानियत को सलाम हैमेरा अल्लाहहू अकबर