Kangana Ranaut को जलील किया छोटे लड़के ने, कौन है गटर छाप बता दिया, Bharat Ek Nayi Soch

यूपी में युवाओं का गुस्सा उफ़ना: कंगना से मोदी सरकार तक, तीखे सवाल और 2027 के लिए बड़ा दावा

उत्तर प्रदेश का युवा वर्ग इस समय कई गंभीर मुद्दों को लेकर गहरे असंतोष और गुस्से में है। ‘भारत एक नई सोच’ की खास ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया है कि कैसे युवा सांसद कंगना रनौत के बयानों से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रोजगार नीतियों और बार-बार हो रहे पेपर लीक तक, हर मुद्दे पर अपनी मुखर राय व्यक्त कर रहे हैं। यह सिर्फ हताशा नहीं, बल्कि व्यवस्था से सीधे सवाल पूछने का एक स्पष्ट संकेत है।

सांसद कंगना रनौत के हालिया बयानों पर युवाओं ने करारा जवाब दिया है। उनकी टिप्पणियों को लेकर छात्रों में गहरी नाराजगी देखने को मिली, जहां उन्होंने अपनी बेबाक राय रखते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए। यह प्रतिक्रिया दर्शाती है कि युवा किसी भी कीमत पर अनुचित बयानों को स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं।

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से रोजगार के मुद्दे पर तीखे सवाल दागे गए हैं। युवाओं का कहना है कि देश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद उन्हें नौकरी के अवसर नहीं मिल रहे हैं, जिससे उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में सरकार से रोजगार सृजन के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

बेरोजगारी के साथ-साथ, बार-बार हो रहे प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक ने युवाओं की हताशा को और बढ़ा दिया है। छात्रों ने साफ किया है कि इन घटनाओं से न केवल उनका समय और पैसा बर्बाद होता है, बल्कि उनके सपनों पर भी पानी फिर जाता है। वे लगातार हो रही इस धांधली पर लगाम लगाने और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग कर रहे हैं।

इन सबके बीच, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के कार्यकाल को लेकर युवाओं में एक सकारात्मक रुझान भी देखने को मिला। छात्रों ने लैपटॉप वितरण योजना, आगरा एक्सप्रेसवे और 1090 हेल्पलाइन जैसी पहलों की जमकर तारीफ की। कई युवाओं ने तो आगामी यूपी चुनाव 2027 को लेकर एक बड़ा दावा भी कर दिया है, जो अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के लिए शुभ संकेत हो सकता है। यह दर्शाता है कि युवा अब पिछली सरकारों के कामकाज का भी आकलन कर रहे हैं।

यह ग्राउंड रिपोर्ट आज के उत्तर प्रदेश के युवा के मन में चल रही गहरी उथल-पुथल को बयां करती है। उनका गुस्सा, उनकी हताशा और उनकी उम्मीदें, सभी मिलकर आने वाले समय में राज्य की राजनीति को एक नई दिशा दे सकती हैं। उनकी आवाज को अनसुना करना किसी भी राजनीतिक दल के लिए महंगा साबित हो सकता है।

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20 Comments

  1. भाई जो विद्यार्थी दिनरात स्टडी करते हैं तब नीट के लिया वालीफाय होते हैं नाश तो फ़िल्मी या कुछ राजनीति करनेवाले करते है

  2. छोटे से बच्चे ने बीजेपी व कंगना की बखिया ऊधेड दी शर्म भी नही आती है बैशर्म बीजेपी वालो को

  3. Bahut sahi aur sachi baat kahi hai bacche ne. 👍🏻
    Yeh sarkar isliye schools band kar rahi hai. Kyunki Desh ka baccha baccha padega toh inseh apne haq ke liye sawal karega. Aur woh yehi nahi chahte.
    Ab yeh Sarkar ka jane ka waqt agaya hai.