Jharkhand Protest में Ranchi में बैठे छात्रों ने खोले राज | Bharat Ek Nayi Soch

JPSC-JSSC घोटाला: रांची में ‘शिक्षा माफिया’ के खिलाफ छात्रों का महा-आंदोलन, हेमंत सोरेन सरकार कठघरे में

रांची की सड़कों पर आज एक बार फिर युवा शक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) पेपर लीक और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) में हुए कथित घोटालों के खिलाफ छात्रों का महा-आंदोलन अपने चरम पर है। यह सिर्फ एक विरोध नहीं, बल्कि सिस्टम से दशकों पुरानी पीड़ा का विस्फोटक इजहार है।

राजधानी रांची विरोध के स्वरों से गूंज उठी है, जहां हजारों की संख्या में छात्र इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं। हाथों में तख्तियां और लबों पर तीखे नारे लिए ये युवा JPSC और JSSC की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका कहना है कि इन प्रतिष्ठित संस्थाओं के माध्यम से नौकरियों की बजाय खुलेआम ‘नीलामी’ हो रही है।

इस आंदोलन की आग में TGT 2016 के वे अभ्यर्थी भी शामिल हैं, जो बीते दस सालों से अपनी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। दशकों से ठप पड़ी प्रक्रियाएं और बार-बार के घपले उन्हें हताशा की गहरी खाई में धकेल रहे हैं। उनका भविष्य अधर में लटका है और कोई स्पष्ट समाधान नजर नहीं आ रहा।

छात्रों का आरोप है कि राज्य में एक संगठित ‘शिक्षा माफिया’ सक्रिय है। इनकी मिलीभगत ‘सिस्टम’ के भीतर बैठे कुछ लोगों के साथ है, जिसकी वजह से सरकारी नौकरियां लाखों रुपयों में खुलेआम बेची जा रही हैं। यह सिर्फ धांधली नहीं, बल्कि उन लाखों मेहनती युवाओं के सपनों का सौदा है जो ईमानदारी से परीक्षा देते हैं।

युवा इस बात पर भी कड़े सवाल उठा रहे हैं कि आखिर क्यों मुख्यधारा की मीडिया इस गंभीर मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है। उनकी आवाज़ को दबाने की कोशिशें जारी हैं। ऐसे में सबसे बड़ा प्रश्न हेमंत सोरेन सरकार पर खड़ा होता है: क्या मौजूदा सरकार इन बेरोजगार युवाओं की इस गहरी पीड़ा को समझेगी? या फिर पारदर्शिता के नाम पर नौकरियों की यह ‘नीलामी’ यूँ ही जारी रहेगी?

भारत एक नई सोच की यह ग्राउंड रिपोर्ट झारखंड के युवाओं के दर्द और आक्रोश की सच्ची तस्वीर दिखाती है। यह सिर्फ एक आंदोलन नहीं, बल्कि बदलाव की पुकार है, जो झारखंड के भविष्य को आकार देगी।

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1 Comment

  1. आपको क्या लगता है, झारखण्ड में लगातार हो रहे पेपर लीक और नियुक्तियों में 10-10 साल की देरी के पीछे असली ज़िम्मेदार कौन है—सरकार, प्रशासन या शिक्षा माफिया? अपनी राय नीचे रिप्लाई करके जरूर दें, आपकी आवाज़ और चर्चा बदलाव ला सकती है! 👇