PM Modi Gold Speech: “1 साल तक सोना न खरीदें!” PM Modi के बयान पर भड़क गए बाबा

DESCRIPTION

DESCRIPTION

प्रधानमंत्री मोदी के ‘सोना न खरीदने’ और ‘ईंधन बचाने’ वाले बयान पर उठे सवाल: कथनी और करनी पर घमासान



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में मंच से देशवासियों को एक साल तक सोना न खरीदने, विदेशी दौरों से बचने और पेट्रोल-डीजल का कम इस्तेमाल करने की नसीहत दी है। उन्होंने ‘वर्क फ्रॉम होम’ को बढ़ावा देने और खाद्य तेल के इस्तेमाल में भी कटौती करने की बात कही है। प्रधानमंत्री का यह बयान तब आया है जब वह खुद कई विदेशी दौरों पर जाने वाले हैं, और उनके रोड शो में सैकड़ों लग्जरी गाड़ियां शामिल होती हैं, जो कम माइलेज देती हैं।

प्रधानमंत्री के इन सुझावों पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। सवाल उठाए जा रहे हैं कि आम आदमी का नेता कहे जाने वाले प्रधानमंत्री की कथनी और करनी में इतना फर्क क्यों है। एक तरफ देशवासियों से ईंधन बचाने की अपील की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ गुजरात और हैदराबाद में उनके बड़े-बड़े रोड शो में महंगी और महफूज कारों का भारी-भरकम काफिला देखा जा रहा है। अगर देश में सचमुच इतना बड़ा संकट है कि लोगों को सोना खरीदने से रोका जा रहा है, तो सवाल यह भी है कि सोना खरीद कौन रहा है? देश का एक बड़ा तबका 5 किलो राशन पर निर्भर है, जिसके लिए सोना खरीदना एक सपने जैसा है। देश के करोड़ों कुपोषित लोगों और आम जनता के पास सोना खरीदने की हैसियत ही नहीं है। आरोप है कि देश का सोना चंद अमीर और माफिया लोग ही खरीद रहे हैं, और आम आदमी को सिर्फ उपदेश दिए जा रहे हैं।

विदेशी दौरों को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ने देश का पैसा बचाने के लिए लोगों को विदेश यात्राओं से बचने की सलाह दी, जबकि वह खुद स्वीडन, नॉर्वे और अन्य देशों की यात्राओं पर जाने वाले हैं। आम आदमी और मिडिल क्लास वैसे भी विदेशी दौरों पर नहीं जाता। आलोचकों का कहना है कि अगर देश सच में इतने गंभीर संकट में है, तो प्रधानमंत्री को खुद अपने दौरे रद्द करके एक मिसाल पेश करनी चाहिए थी।

अर्थव्यवस्था और रुपए की गिरती कीमत को लेकर भी गंभीर चिंताएं जताई जा रही हैं। रुपया डॉलर के मुकाबले ऐतिहासिक गिरावट पर है। खाद्य तेल, गैस, पेट्रोलियम और कई अन्य जरूरी चीजों के आयात पर निर्भरता के कारण देश के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। यह आशंका जताई जा रही है कि अगर समय रहते स्थिति को नहीं संभाला गया, तो आने वाले दिनों में ईंधन और गैस की कमी के कारण देश के कई महानगरों में हालात बेकाबू हो सकते हैं।

ऐसे में यह मांग उठने लगी है कि देश की अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए सरकार को तुरंत बड़े कदम उठाने चाहिए। इस संकट के समय में आम जनता पर बोझ डालने के बजाय, सरकार को अपने खर्चों में कटौती कर एक पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था स्थापित करनी चाहिए।
Show More

Your email address will not be published. Required fields are marked *

50 Comments

  1. "दोस्तों, पीएम मोदी की इस नई सलाह (पेट्रोल-डीजल बचाएं, सोना न खरीदें, विदेश न जाएं) पर आपकी क्या राय है? क्या आपको लगता है कि इलेक्शन के बाद सच में महंगाई की बड़ी मार पड़ने वाली है? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर दें, हम आपके कमेंट्स पढ़ रहे हैं! 👇👇"

  2. मेरी औरत gold की दुकान रस्तेसे चलते चलते देखते देखते ( बाहरसे ही ) कितनी बार गीर चुकी है..😢

  3. ग़रीब जनता को खाने के वांदे पड रहे हैं फिर सोना कांसे खरीदेगी जबरदस्त ड्रामा बना रेला ऐ

  4. मोदी पीएम जनता को बचत का संदेश दे रहा है। सालभर न खरीदे कि सीख दे रहा है सोना? लेकिन मोदी ने रैली में बेतहाशा खर्च किया। अनेक बार ऐसे रोड शो करते है? चुनावो में बेतहाशा खर्च मोदी का कोई मुकाबला नहीं कर सकता है? मोदी ने रिकॉर्ड स्तर पर विदेशों की यात्राएं कर असाधारण क्रूरता से देश का धन बर्बाद किया है? अभी मोदी की अपील की सोना मत खरीदो को कोई नहीं मानता है? इसने जो 15% टैक्स लगाया है, उसके कारण लोग महंगा सोना नहीं खरीद रहा है। अभी 15% टैक्स हटा दो ग्राहकों की भीड़ लग जायेगी?

  5. 29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन में 4 करोड़ खर्च कर दिया किसानों की 600 बीघे जमीन पर खड़ी फसल को जेसीबी मशीनोद्वारा नष्ट करके उस जमीन पर पार्क बनाया

  6. देश बर्बादी के तरफ जा रहा है। औरंगजेब और अलाउद्दीन खिलजी जिन्दा हो गया है।और देश को खोखला कर दिया है।

  7. भारत के लुटेरे सोना लुट कर विदेशों में पहुंचा रहे हैं। और देश को खोखला कर रहें हैं। भारतीय सरकार की देखरेख में लुट पाट हो रहा है।

  8. आज पूरे देश में जय जय हो रही है महामानव की नतीजा गंभीर होने की प्रबल संभावना है 😢

  9. मैं अब बार बार मोदी जी को मोदी जी के ऊपर डाल दिया मोदी जी हिंदुस्तान के जनता को बेवकूफ बना रहे हैं तो आप बेवकूफ क्यों बन रहेहैं हिंदुस्तान की जनता को पागल समझते हो 2 करोड़ नौकरी बोल दिए थे हरसाल देंगे 22 करोड़ नौकरी 22 लाख नहीं दिया तुम 22 करोड़ की बातकर रही हो यह बोल देते बाद में चुनावी जुमला था हमारा यह भारतीय जनतापार्टी है