Lucknow News: लखनऊ कोर्ट परिसर में हंगामा, वकीलों को चैंबर से खदेड़ा, रो पड़े अधिवक्ता।

DESCRIPTION

लखनऊ में न्याय के मसीहा ही मांग रहे न्याय: वकीलों के चैंबरों पर चला बुलडोजर, पुलिस पर लाठीचार्ज का गंभीर आरोप

लखनऊ, उत्तर प्रदेश: राजधानी लखनऊ में न्याय के मंदिर कहे जाने वाले परिसर में एक अप्रत्याशित घटनाक्रम सामने आया है। हाई कोर्ट के एक आदेश के बाद नगर निगम और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने वकीलों के 350 से अधिक चैंबरों पर बुलडोजर चला दिया, जिससे पूरे अधिवक्ता समुदाय में भारी आक्रोश और हड़कंप मच गया है। इस कार्रवाई ने न्यायिक गलियारों से लेकर आम जनमानस तक को सकते में डाल दिया है।

अधिवक्ताओं का आरोप है कि यह विध्वंसक कार्रवाई बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के की गई। उन्हें अपने चैंबरों से सामान निकालने का भी पर्याप्त समय नहीं दिया गया, जिसके चलते उनके महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज और निजी संपत्ति मलबे में तब्दील हो गए। इस आकस्मिक कार्रवाई से कई अधिवक्ताओं का लाखों का नुकसान हुआ है।

कार्रवाई के विरोध में मौके पर इकट्ठा हुए वकीलों पर पुलिस प्रशासन की तरफ से कथित रूप से बल प्रयोग किया गया। अधिवक्ताओं का आरोप है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिला वकीलों पर भी बर्बरतापूर्वक लाठियां बरसाईं, जिसमें कई लोग बुरी तरह घायल हो गए। घायल वकीलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। इस घटना के बाद से अधिवक्ता समुदाय में रोष व्याप्त है और वे इसे ‘न्याय प्रणाली पर सीधा हमला’ करार दे रहे हैं।

विरोध प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने पुलिस पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का भी गंभीर आरोप लगाया है। इस पूरी घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है: जब न्याय के लिए लड़ने वाले वकील ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता का क्या होगा? न्याय की गुहार लगाने वाले आज खुद न्याय की मांग कर रहे हैं।

लखनऊ सिविल कोर्ट के वकील इस कार्रवाई के खिलाफ एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अधिवक्ता समुदाय का कहना है कि यह एक लोकतांत्रिक देश में न्याय और मानवाधिकारों का उल्लंघन है। ‘भारत एक नई सोच’ इस गंभीर मामले पर बारीकी से नज़र बनाए हुए है और पल-पल की अपडेट आप तक पहुंचाता रहेगा।

Show More

Your email address will not be published. Required fields are marked *

37 Comments

  1. इस पूरे विवाद में आपको किसकी गलती ज्यादा लगती है— प्रशासन की जल्दबाजी या कुछ और? क्या अतिक्रमण हटाने के नाम पर वकीलों के साथ ऐसा बल प्रयोग और उनके चैंबर बिना किसी पुनर्वास के तोड़ना सही था? अपनी निष्पक्ष राय हमें कमेंट करके बताएं, इस मुद्दे पर हम आपके विचारों को जानना चाहते हैं! 👇

  2. बहुत खूब करो मनमानी फिर रेलेगी पुलिस ये पीएसी है जनाब इसीलिए बनी है

  3. आग लगी है तो दूर तक तो जाएगी आज तुम्हारा घर है कल किसी और क चलेगा इसलिए अभी समय है 2027 में

  4. Kisi Garib ka road per dukaan Ho to yahi vakil uske virodh mein Khade hote Hain jab Aaj khud par Aya hai to aj chilla rahe hain Inka Inka bhi to abhyaran tha road per koi bhi Ho Kanoon sabke liye barabar hai main police prashasan mein Sarkar ke samarthan hun

  5. बीजेपी जो कर रही है पूरे देश में वह तो गलत है लेकिन इन वकीलों को समझ आ गया होगा कि किसी को झूठे केस में फंसा कर झूठा दहेज केस झूठ violence case maintenance dilana alumni dilana Kisi bete ke ghar ko barbad kar dena झूठे केस करके एक औरत के द्वारा ताकि खुद का पॉकेट भी गरम कर सके अभी समझ में आ गया हुआ इनको की कैसा लगता है झूठे केस में फंसा होना 😂😂😂

  6. Yah to Abhi shuruaat hai agar is netaon ke chakkar mein rahoge to yah Hindu Musalman karke yah sab ko barbad karke yah khud pure Desh ke angrej ki tarah shasan karna chahta hai aur yah angrejon ki kathputli Sarkar Hai abhi bhi waqt hai Janata Jago

  7. Mughe ye samajh nahe ata ye kaisa varat bana deya gaya hai khaer ab ve deswase gage awr des ko awr des ke garema bachaye tave des surakchet hoga nahe to des grat me cala gayega😊

  8. Pure Pradesh mein adhivakta Sangh ko ektrit hokar ek jhooth hokar police prashasan ke khilaf narebaji karne chahie aur dharna Dena chahie inko sabak sikhana jaruri hai

  9. Ye EVM ,Farji vote,Sanghi tantra se chune gaye Gunde,Lutere,Chanda Chor,Ghotale baaj hain.Ye Abaidh tarike se satta me aaye hain aur Abaidh tarike se Desh ko dance ke bal per chalana chahte hain.

  10. वकीलों का काम था बुलडोज़र एक्शन रोकना, अब उन्हीं के सिर पर आ गया!!