CJP Protest Jantar Mantar Hunger Strike: छात्रों का हौसला देख दंग रह जाएंगे | Bharat Ek Nayi Soch

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नीट पेपर लीक विवाद: जंतर मंतर पर सुलगता युवा आक्रोश, शीतल की भूख हड़ताल बनी ‘नई सोच’ की मिसाल

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली का जंतर मंतर एक बार फिर युवा आक्रोश का गवाह बन रहा है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के गंभीर आरोपों के बीच, सैकड़ों छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। इन प्रदर्शनकारियों के बीच, गाजियाबाद की शीतल पिछले चार दिनों से भूख हड़ताल पर बैठी हैं, जो न्याय की अलख जगा रही हैं।

शीतल की यह लड़ाई सिर्फ NEET विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस समाज की दकियानूसी सोच पर भी करारा प्रहार है जो अक्सर लड़कियों को सिर्फ घर की चारदीवारी में सुरक्षित मानता है। घर वालों की धमकियों और ‘बेदखल’ कर दिए जाने के डर के बावजूद, शीतल का संकल्प अडिग है। उनका स्पष्ट संदेश है: "घुट-घुट कर मरने से अच्छा है, दुनिया के सामने लड़कर मरना।" ये शब्द आज अनगिनत युवाओं की भावनाओं को व्यक्त कर रहे हैं।

यह केवल शीतल की कहानी नहीं, बल्कि देश के उस युवा वर्ग की पीड़ा है जो अपने भविष्य को लेकर आशंकित है। उनका सवाल सीधा है: आखिर क्यों आज देश का होनहार युवा अपनी जायज़ मांगों के लिए सड़क पर सोने को मजबूर है? जंतर मंतर पर एकत्रित छात्रों की मुख्य मांगों में शिक्षा मंत्री का तुरंत इस्तीफा और NEET परीक्षा में हुई धांधली की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच शामिल है।

छात्रों का यह आंदोलन NTA की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठा रहा है, जिसने देश के लाखों मेडिकल उम्मीदवारों के सपनों को दांव पर लगा दिया है। प्रदर्शनकारी लगातार सरकार से अपील कर रहे हैं कि उनकी आवाज़ को गंभीरता से सुना जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

जंतर मंतर पर चल रहा यह प्रदर्शन सिर्फ एक परीक्षा की धांधली के खिलाफ नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग का प्रतीक है। ‘भारत एक नई सोच’ की यह ग्राउंड रिपोर्ट इस सवाल के साथ समाप्त होती है कि आखिर कब तक युवा अपने हकों के लिए संघर्ष करता रहेगा और क्या सरकार इन छात्रों की आवाज़ सुनकर उनके भविष्य को सुरक्षित कर पाएगी?

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47 Comments

  1. शीतल का जज्बा और उनका यह कहना कि 'घुट-घुट कर मरने से अच्छा है लड़कर मरना', आज के हर उस छात्र की आवाज़ है जो सिस्टम से परेशान है। दोस्तों, आपको क्या लगता है? क्या सरकार को NTA को पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए या इसमें सुधार की गुंजाइश है? अपनी राय हमें कमेंट में जरूर बताएं। 👇 (वीडियो को शेयर करना ना भूलें!)

  2. देश के भविष्य को शायद आज भुखहरताल से गुजरना पड़ा, क्यों कि अपने देशी अंग्रेजो की हुकुयत पृतीत होता है

  3. बहादुर झांसी की रानी लक्ष्मीबाई हो तुम मन साफ तो ईश्वर साथ देख लेना जीत सच्चाई कीहोकररहेगी

  4. Slute you Respacted sister Jakhar ka sign Maar Sake Na Koi❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤

  5. शीतल तुम बहुत ही बहादुर हो धन्य है तुम्हारे माता-पिता को सलाम है तुम्हें

  6. One more silent theft from private employees “ Under the new Employees' Provident Fund (EPF) Scheme 2026, mandatory PF contributions are capped at ₹1,800 per month (based on a ₹15,000 statutory wage ceiling). While the 12% contribution rate remains, anything above this base amount is now strictly voluntary. The reforms also simplify partial withdrawals into fewer categories and fast-track digital auto-settlements.“ make aware the public/ your viewers.

  7. BJP aur RSS donon milkar Desh Ko barbad kar diya hai. CJP jindabaad Kisan union Sonam vangchuk ji Abhijeet Dipke ji aur Bharat ke sabhi sathiyon Ko Hardik Badhai aur shubhkamnayen.

  8. आप लोग आमरण hunger strike बंद करो प्रतीकात्मक 1, 2 या 3 दिन की ही hunger strike करें, हां लड़ाई लड़ें ,इसके बहुत से तरीके हैं अपनी मांगों को उठाये, विरोध करें परंतु अपने बहुमूल्य जीवन को दांव पर ना लगाएं, जरूर अच्छा होगा,