Cockroach Janta Party: क्या है ये नई Political Party जो BJP-Congress की नींद उड़ा रही है?
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DESCRIPTIONकॉकरोच जनता पार्टी: युवाओं के गुस्से से जन्मी वो नई सियासी हलचल, जिसने रातों-रात बटोरी सुर्खियां
इन दिनों सोशल मीडिया पर एक नई राजनीतिक पार्टी के चर्चे जोरों पर हैं। एक ऐसी पार्टी जिसका न कोई दफ्तर है, न चुनाव आयोग में कोई रजिस्ट्रेशन और न ही कोई औपचारिक वजूद। फिर भी, इस पार्टी ने बड़े-बड़े सियासी दलों के पसीने छुड़ा दिए हैं। देश की न्यायपालिका की एक टिप्पणी, सोशल मीडिया की ताकत और युवाओं की गहरी नाराजगी—इन तीनों के टकराव से जन्मी इस पार्टी का नाम है ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP)।
चीफ जस्टिस की टिप्पणी और युवाओं का पलटवार
इस पूरी कहानी की शुरुआत चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) डी.वाई. चंद्रचूड़ (या वीडियो के अनुसार सूर्यकांत) की एक टिप्पणी के बाद हुई। टिप्पणी में कथित तौर पर उन बेरोजगार युवाओं की तुलना ‘कॉकरोच’ से की गई थी, जो सोशल मीडिया पर सिस्टम की आलोचना करते हैं या आरटीआई एक्टिविस्ट बन जाते हैं। इस तंज ने युवाओं के गुस्से को भड़का दिया। इसके जवाब में, सोशल मीडिया पर युवाओं ने एक साथ मिलकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का ऐलान कर दिया।
फॉलोअर्स के मामले में बीजेपी-कांग्रेस को पछाड़ा
इस नई और अनोखी पार्टी की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसने सोशल मीडिया फॉलोअर्स के मामले में देश की सबसे पुरानी और बड़ी पार्टियों को पीछे छोड़ दिया है। बीजेपी और कांग्रेस को जहां करोड़ों फॉलोअर्स जुटाने में सालों लग गए, वहीं सीजेपी ने महज कुछ ही दिनों में 1.88 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स अपने नाम कर लिए। हर घंटे इस पार्टी के लाखों फॉलोअर्स बढ़ रहे हैं। युवाओं ने इसे एक ट्रेंड बना लिया है और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ हैशटैग ट्विटर (अब X) पर नंबर वन पर ट्रेंड कर रहा है।
क्या है सीजेपी का घोषणापत्र?
भले ही यह एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन हो, लेकिन इसका घोषणापत्र (मेनिफेस्टो) युवाओं की असली चिंताओं को सामने लाता है। इसके कुछ प्रमुख वादे इस प्रकार हैं:
- न्यायपालिका की स्वतंत्रता: रिटायरमेंट के बाद किसी भी चीफ जस्टिस को राज्यसभा या अन्य किसी सरकारी पद का इनाम नहीं दिया जाएगा, ताकि न्यायपालिका सरकार के दबाव से मुक्त रहे।
- वोटिंग का अधिकार: अगर किसी वैध वोटर का नाम लिस्ट से काटा जाता है, तो मुख्य चुनाव आयुक्त पर UAPA लगाकर गिरफ्तारी की जाएगी।
- महिलाओं को 50% आरक्षण: संसद और कैबिनेट में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा।
- मीडिया की जवाबदेही: सत्ता की ‘चाटुकारिता’ करने वाले बड़े मीडिया घरानों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे और गोदी मीडिया के एंकर्स के बैंक खातों की जांच होगी, ताकि स्वतंत्र मीडिया को जगह मिल सके।
- दल-बदल पर सख्त रोक: दल-बदल करने वाले विधायकों और सांसदों पर अगले 20 सालों तक चुनाव लड़ने या कोई भी सरकारी पद लेने पर पाबंदी होगी।
कौन बन सकता है सदस्य?
इस पार्टी में शामिल होने की शर्तें भी अनोखी हैं। इसका सदस्य बनने के लिए आपका बेरोजगार होना, आलसी होना, सोशल मीडिया का एडिक्ट होना और अपनी भड़ास निकालने की क्षमता होना जरूरी है। इसका चुनाव चिन्ह भी एक मोबाइल फोन है जिस पर कॉकरोच बना है, जो आज के युवाओं के सोशल मीडिया एडिक्शन को दर्शाता है।
कौन हैं इसके फाउंडर?
इस डिजिटल राजनीतिक पार्टी की नींव अभिजीत दीपके ने रखी है। महाराष्ट्र के रहने वाले अभिजीत एक पत्रकार और सोशल मीडिया एक्टिविस्ट हैं, जो फिलहाल अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रहे हैं। इससे पहले वह 2020 से 2022 तक आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया कैंपेन से भी जुड़े रहे हैं। अभिजीत का कहना है कि यह आंदोलन अभी शुरुआत है और युवाओं को अब अपनी बात रखने का एक नया मंच मिल गया है।
भले ही कॉकरोच जनता पार्टी अभी कोई मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल न हो, लेकिन इसने बेरोजगारी, महंगाई, गोदी मीडिया और सिस्टम की खामियों को लेकर युवाओं के भीतर दबे गुस्से को एक नई और असरदार आवाज दे दी है। क्या 2029 के चुनावों में यह पार्टी कोई असली आकार लेगी, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन फिलहाल इस ‘कॉकरोच’ ने देश के सियासी गलियारों में खलबली जरूर मचा दी है।

























दोस्तों, क्या आपको लगता है कि 'Cockroach Janta Party' (CJP) सिर्फ एक सोशल मीडिया ट्रेंड है, या फिर यह युवाओं (Gen Z) के असली गुस्से का प्रतीक है? क्या सच में कोई डिजिटल पार्टी आने वाले समय में भारत की राजनीति को बदल सकती है? अपनी बेबाक राय कमेंट्स में ज़रूर लिखें, मैं हर एक कमेंट पढ़ रही हूँ! 👇👇