दलित को पानी पीने पर मिली खौफनाक सजा, दरिंदगी की सारी हदें पार

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कानपुर: सरकारी नल से पानी पिया तो टूटा कहर, दलित पिता-पुत्र को बेरहमी से पीटा, ‘भारत एक नई सोच’ की ग्राउंड रिपोर्ट

कानपुर, उत्तर प्रदेश: आज़ाद भारत में जातिगत भेदभाव और अमानवीयता का एक और काला अध्याय कानपुर से सटे एक गाँव में सामने आया है। ‘भारत एक नई सोच’ की टीम ने जमीनी हकीकत की पड़ताल की है, जहाँ महज़ सरकारी नल से पानी पीने की "गुस्ताखी" पर एक दलित युवक और उसके पिता को न सिर्फ बेरहमी से पीटा गया, बल्कि उनके साथ ऐसे कृत्य किए गए जिसने समूचे समाज को शर्मसार कर दिया है।

पीड़ित परिवार का दर्द सुनकर किसी की भी रूह कांप जाएगी। यह जघन्य घटना एक बार फिर साबित करती है कि देश के कुछ हिस्सों में जातिवाद आज भी अपनी जड़ें कितनी गहराई तक जमाए हुए है। ग्रामीण परिवेश की इस घटना ने संवैधानिक मूल्यों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

‘भारत एक नई सोच’ के संवाददाता जब ग्राउंड जीरो पर पहुँचे, तो गाँव में व्याप्त तनाव और पीड़ित परिवार की भयावह स्थिति स्पष्ट दिखाई दी। सरकारी नल, जो सार्वजनिक उपयोग के लिए होता है, वहाँ से पानी पीने पर दलित परिवार को मिली यह सजा, सामाजिक न्याय के दावों पर करारा तमाचा है। यह घटना सिर्फ एक परिवार तक सीमित नहीं, बल्कि उस संकीर्ण सोच का प्रतिबिंब है जो आज भी दलितों को बराबरी का दर्जा देने से इनकार करती है।

सवाल यह है कि आखिर कब तक दलितों पर यह अत्याचार जारी रहेगा? कब तक ऐसे अमानवीय कृत्यों को जातिवाद के नाम पर अंजाम दिया जाता रहेगा? क्या आजाद भारत में हर नागरिक को सम्मान और समानता का अधिकार नहीं है? इस घटना के दोषियों को जल्द से जल्द कानून के कटघरे में खड़ा करना अति आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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46 Comments

  1. "कानपुर की इस अमानवीय घटना ने पूरे देश को शर्मसार कर दिया है। आपको क्या लगता है, 21वीं सदी में भी समाज में ऐसी जातिवादी सोच के पीछे सबसे बड़ी वजह क्या है और दोषियों को कैसी सजा मिलनी चाहिए? अपनी राय कमेंट में ज़रूर लिखें, हम आपके हर एक कमेंट को पढ़ रहे हैं! 👇🙏"

  2. दलितों से कहो बीजेपी या मायावती को वोट करे नहीं तो इसी तरह जुल्म सहना पड़ेगा

  3. इस प्रकार के कृत्य,की जितनी भी निद्या की जाय कम है,, ❤️👍🏻

  4. इसमें सब-कुछ दैविक शक्ती का खेल है जो एक नारी एक पुरूष जो वर्तमान के सर्वशक्तीमान भगवान बनकर बैठे हैं एक महापुरुष बहुत अच्छी तरह से पकण में आरहे हैं भगवान श्रबिष्णू जी के आठवां अवतार श्रीकृष्णावतार जो श्रीमद्भगवद्गीता के रूप में पूरी तरह से पकण में आरहे हैं इसमें रन्च मात्र सन्देह नहीं है ऊं तत् सत् ऊं शान्ति जय वर्तमान के सर्वशक्तीमान श्रीमद्भगवद्गीता गूरुवो के गूरु श्रीमद्भगवद्गीता कारण श्रीमद्भगवद्गीता हैं ऊं तत् सत् ऊं शान्ति रहस्यो में मैं मौन हुं सत्य मेव जयते जहां भक्ति वहीं शक्ति मूल कारण श्रीमद्भगवद्गीता हैं ऊं तत् सत् ऊं शान्ति सत्य मेव जयते ❤❤❤❤

  5. दलितों के साथ सही हो रहा है सब से ज्यादा यही सब पैसा लेके बीजेपी को वोट देते है

  6. पुरे देश को बेच कर बर्बाद कर तबाह कर दिया है === बर्बादी बर्बादी नजर आ रही है!!

  7. देश में आर एस एस और बीजेपी ने इतना जहर घोल दिया है। की लोग एक दूसरे के खुन के प्यासे बना दिया।

  8. योगी बाबा का राज है भाई पीटने वाले जरुर ठाकुर ही रहे होगे,इसी लिएउनहे केवल दबंग कहा जा रहा है,दबंगो की जाति बताई जाय जिससे हम भी अपनी जाति का परिचय दे सके ।कानपुर कोई ज्यादा दूर नही है।पुलिस के लोग मनुवाद का पालन करने मे लगे है ।मै दलित भाईयो से अपील करता हूं किभारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने का अनवरत प्रयास करे ।ताकि हिंदू धर्म का बिनाश हो सके ।

  9. ऐसे जातिवादी मनु वादियों को हम लोग से पहले पड़ जाएगा ना म**** लोगों का मनुवादी लोगों का सुधार दिया जाएगा

  10. ये जातिवाद की उपलब्धि है अपराधियों को संरक्षण मिलेगा और छूट जाएंगे

  11. बदला रोज रोज मरने से अच्छा है अपने और अपने समाज के लिए कुछ ऐसा काम कर जाए कि जो जीवन पर हमें याद

  12. ❤ पल्लवी जी कानून सिस्टम घूसखोरी यह गलत है न्याय इसलिए नहीं मिल पाता पीड़ित या पीड़िता को कानून हीभ्रष्ट है ❤

  13. यूएन नेताओं से पूछिए जो चन्द्रशेखर आजाद, मायावती जब दलित नेता हैं, उनका एग्जिट होकर देश प्रदर्शन नहीं, सिर्फ सत्य की गारंटी है